Wednesday, July 24, 2024
Google search engine
HomeLatestसिजोफ्रेनिया का कारण हो सकती है आपकी पालतू बिल्ली

सिजोफ्रेनिया का कारण हो सकती है आपकी पालतू बिल्ली

Google search engine

Schizophrenia Causes: सिजोफ्रेनिया की बीमारी के बारे में एक बहुत बड़ा दावा किया गया है कि, जिन लोगों के घर में पालतू बिल्ली है उनमें सिजोफ्रेनिया की बीमारी का रिस्क अन्य लोगों की तुलना में अधिक होती है। इस रिसर्च में कुछ 44 वर्षों में की गयी 17 स्टडीज के परिणामों का विश्लेषण किया गया। इस विश्लेषण के अंत में बताया गया कि बिल्ली पालने वाले लोगों में सिजोफ्रेनिया का रिस्क (risk of Schizophrenia) अधिक होता है।

बिल्ली से कैसे फैलती है यह बीमारी

स्टडी के अनुसार सिजोफ्रेनिया की बीमारी टोक्सोप्लाज्मा गोंडी नामक एक परजीवी या पैरासाइट जीव से जुड़ा हुआ है। आमतौर पर यह परजीवी दूषित पानी और कच्चे मीट में पाए जाते हैं। वहीं, यह परजीवी बिल्लियों के शरीर पर भी पाए जाते हैं। Also Read – लिवर फंक्शन टेस्ट कब कराना चाहिए, जानिए क्यों जरूरी है ये जांच

Schizophrenia Causes: बिल्ली पालने का है शौक तो हो जाएं सावधान

जब बिल्ली किसी को काट ले या कोई व्यक्ति बिल्ली के बालों, लार या शरीर से जुड़े अन्य वेस्ट प्रॉडक्ट के सम्पर्क में आ जाए तो यह परजीवी उनके शरीर तक भी पहुंच जाता है। इससे सिजोफ्रेनिया का रिस्क बढ़ जाता है।

सिजोफ्रेनिया क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिजोफ्रेनिया दिमाग से जुड़ी एक स्तिथि है जिसमें लोगों की सोचने-समझने और याद रखने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे उस व्यक्ति के व्यवहार मे भी बदलाव होने लगते हैं। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है और ये लोग अपने आसपास के लोगों को भी नापसंद करने लगते हैं। सिजोफ्रेनिया के मरीजों का व्यवहार खुद उनके लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। Also Read – Multiple Sclerosis Disease: क्या है मल्टीपल स्केलेरोसिस बीमारी और इसमें क्या होता है?

Schizophrenia Causes: सिजोफ्रेनिया के लक्षण क्या हैं?

सिजोफ्रेनिया के मरीजों में जो लक्षण दिखायी देते हैं उनमें भ्रमित रहने, अलग-अलग तरह की आवाजें सुनायी देना,बातचीत करने में तकलीफ होने, एंग्जायटी और डिप्रेशन के अलावा डरने, घबराने और अकेले रहने की आदत देखी जाती है।

प्रेग्नेंसी में अंडा खाना चाहिए या नहीं?

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हेल्दी और पोषणयुक्त आहार का सेवन करना चाहिए। दरअसल, गर्भावस्था में महिला को अपने साथ-साथ गर्भस्थ शिशु की सेहत का भी विशेष ध्यान रखना होता है। प्रेग्नेंसी में महिला जो कुछ खाती-पीती है, उसका सीधा असर उसके शिशु पर पड़ता है। अंडा एक ऐसा सुपरफूड है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है। ऐसे में, अक्सर गर्भवती महिलाओं के मन में ये सवाल उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी में अंडा खाना चाहिए या नहीं? इस बारे में जानने के लिए हमने डाइट्रीफिट की डायटिशियन अबर्ना माथीवानन से बात की। आइए, जानते हैं प्रेग्नेंसी में अंडे का सेवन करना चाहिए या नहीं (Should you eat eggs during pregnancy)?

Google search engine
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments